साल 2020 की सबसे बड़ी वेब सीरीज मिर्जापुर 2 रिलीज हो चुकी है जिसे क्रिटिक्स की तो मिली जुली प्रतिक्रिया हासिल हुई है लेकिन दर्शक दिल खोल कर इसे प्यार दे रहे हैं।  मिर्जापुर 1 के बाद से ही लोग ये देखने के लिए उत्साहित थे की आगे क्या होने वाला है, जिसका पता अब सबको चल चुका है। हालांकि मिर्जापुर की कहानी अभी भी खत्म नहीं हुई है और दर्शकों के मन में ये सवाल जरूर होगा कि मिर्जापुर 3 आयेगा या नहीं।
मिर्जापुर 2 को दर्शक काफी पसंद कर रहे और सोशल मीडिया के ऊपर भी बहुत मीम्स और चुटकुले बन रहे हैं ऐसे में उम्मीद है कि जल्दी ही आपको मिर्जापुर 3 के बारे में कुछ घोषणाएं सुनने को मिल सकती हैं।

चलिए जानते है कि मिर्जापुर 3 में हमें कौन कौन से किरदार भौकाल मचाते हुए दिखने वाले हैं और कौन मिर्जापुर पर राज करेगा -

मिर्जापुर 2 का अंत 

मिर्जापुर 2 के अंत में हमें गुड्डू पंडित ( अली फजल ),  कालीन भैया ( पंकज त्रिपाठी ) की गद्दी पर बैठते हुए नजर आते है और शरद कालीन भैया को बचाते हुए नजर आते हैं। आपके मन में ये सवाल जरूर होगा कि जब शरद कालीन भैया और मुन्ना भैया को मारने आया था तो फिर उसने कालीन भैया को बचाया क्यों ? तो इसका जवाब भी आपको हम देने वाले हैं।  

शरद शुक्ला ने कालीन भैया को क्यों बचाया ?

शरद शुक्ला कालीन भैया और मुन्ना भैया को मारने के इरादे से आया था लेकिन जब उसने देखा कि गुड्डू पंडित और गोलू गुप्ता ने मुन्ना को मार दिया है और कालीन भैया भी लगभग मरने वाले हैं तो उसने कालीन भैया को बचाना ही ठीक समझा। शरद शुक्ला समझदार है और वो जानता है कि मुन्ना भैया और कालीन भैया को मारने के बाद गुड्डू पंडित ही मिर्जापुर पर राज करेगा।
शरद शुक्ला चाहे तो भी गुड्डू पंडित को हरा भी नहीं पाएगा लेकिन अगर वो कालीन भैया को बचा लेता है तो कालीन भैया का भरोसा और मदद दोनों ही पा लेगा। वैसे भी मुन्ना त्रिपाठी मर चुके हैं और कालीन भैया भी जिंदा लाश के समान है तो मिर्जापुर की गद्दी कालीन भैया शरद को ही दे देंगे और कालीन भैया की मदद से वो गुड्डू पंडित को भी मार पायेगा।

क्या आगे भी मिर्जापुर पर राज कर पायेंगे गुड्डू पंडित और गोलू गुप्ता ?

मिर्जापुर 2 के अंत में गुड्डू पंडित मिर्जापुर की गद्दी पर बैठ जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि वो आगे भी मिर्जापुर पर राज करेंगे।

वजह -
1. शरद शुक्ला और कालीन भैया एक हो चुके हैं तो गुड्डू पंडित की मुसीबत ज्यादा बढ़ेंगी।
2. मुन्ना त्रिपाठी की पत्नी माधुरी यादव मुख्यमंत्री है ऐसे में माधुरी अपने पति की मौत का बदला लेने जरूर आयेगी और उसकी ताकत के आगे गुड्डू पंडित की ताकत कुछ भी नहीं है।
3. छोटे त्यागी की मौत के बाद बड़े त्यागी और दद्दा त्यागी भी गुड्डू और गोलू के दुश्मन बन चुके हैं। छोटे त्यागी की मौत के लिए कहीं ना कहीं गुड्डू और गोलू ही जिम्मेदार हैं ऐसे में दद्दा त्यागी अपने बेटे की मौत का बदला लेने जरूर आयेंगे।

कुल मिलाकर गुड्डू पंडित और गोलू गुप्ता के चारों ओर दुश्मन ही दुश्मन हैं तो आगे भी मिर्जापुर पर राज करना उनके लिए लगभग नामुमकिन होगा।